- 📰 जनपद देवरिया में बड़ा प्रशासनिक मामला—शासनादेश के विपरीत कार्यवाही पर उठे सवाल
📍देवरिया: जनपद में खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों से पूर्ति निरीक्षक का कार्य लिए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि खाद्य आयुक्त कार्यालय, जवाहर भवन, लखनऊ द्वारा जन सूचना के माध्यम से स्पष्ट किया जा चुका है कि किसी भी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को पूर्ति निरीक्षक का दायित्व नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद देवरिया में तैनात सभी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों से यह कार्य लगातार कराया जा रहा है, जो सीधे तौर पर शासनादेश के विपरीत माना जा रहा है।
👉 इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया है कि पूर्व में दर्जनों शिकायतों के बावजूद जांच की जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों को सौंप दी जाती है, जिनके खिलाफ शिकायत की जाती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
👉 सूत्रों के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा KYC और SIR जैसे कार्यों का हवाला दिया जा रहा है, जबकि जनपद में पर्याप्त संख्या में पूर्ति निरीक्षक उपलब्ध हैं। इसके बावजूद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देना कई सवाल खड़े करता है।
👉 कोटेदारों का आरोप है कि खाद्यान्न वितरण पूरी तरह विभागीय अधिकारियों के नियंत्रण में है और शिकायत करने पर कार्रवाई या मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है।
📢 मुख्य मांगें:
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को पूर्ति निरीक्षक के कार्य से तत्काल मुक्त किया जाए
मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र बाहरी अधिकारी से कराई जाए
दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए
⚖️ इस पूरे मामले ने जनपद में पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शासन स्तर से इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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